सोमवार, 1 मार्च 2010
सनि हमारा मित्र भी अभिभावक भी
सनि को लेकर अधिकांश समाज भ्रमो का शिकार है, वस्तुतः सनि हमारा मित्र भी है और अभिभावक भी < सनि का धर्म है जातक को उसकी मौलिकता से जोरना < जब जातक संसार की विसंगतियो में उलझ कर अपनी स्वाभाविकता खोने लगता है< उस पर हीन ब्रित्तिया हावी हो जाती है< जातक किम्कर्ताब्य बिमूढ़ हो जाता है, प्रकृति से संबंध कमजोर पराने लगते है तो सनि अपने कठोर अनुशासन की सहायता से जातक को उसकी मौलिकता से परिचित करता है< परन्तु जातक को टूटने बिलकुल नहीं देता, अतः सनि हमारा मित्र भी और अभिभावक भी है.
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